शायरी

textgram_1500346229textgram_1500368824

Advertisements

तलाश

वो आँखें अमावस की काली रात सी वो पलकें उनपे तारों की बारात सी खोई रहती अपने चाँद की तलाश में मुन्तज़िर आँखें पूनम की आस में… Read more “तलाश”

बिरहा

सांझी खानी होवे जब झीनी अँजोरिया तारा के भीड़ जुटे बीचे बजरिया चंदा के जोबन से चमके आकाश वईसे चेहरा से तोहरे फिसले प्रकाश जइसे ओकरे से… Read more “बिरहा”

तुम

तुम मेरी बंसी की मीठी मधुर तान हो तुम आन-बान सब, तुम्ही मेरी शान हो तुम मुझ अभागे की भाग्य रेखा हो तुम जैसा नसीब किसने कब… Read more “तुम”

परी

वो एक नन्ही परी सी मुस्काए दमक दमक दमके वो..चमक चमके छलक छलक जायें मेरी आँखें महक महक जाये मेरी सांसें ज़ुल्फों के साये वो लहराए होंठों… Read more “परी”

तुम

यूँ ही तुम सदा मुस्कुराती रहो तराने ज़िन्दगी के हंस के गुनगुनाती रहो ग़म-ए-दुनिया के बोझ तले कितने अनगिनत हैं दबे, कुचले माटी के पुतले, सब काठ… Read more “तुम”

रचना

वो गुलाब की पंखुड़ियों से सुन्दर सरसों  की लड़ियों सी झरझर झरना उसकी मुस्कान मन में छेड़े एक मधुर तान   मदमस्त हवा सी बहती वो मुझ… Read more “रचना”